ताकत और खून का खजाना रागी का हलवा
हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सब? नई नई रेसिपी ट्राई करते रहने वालों का स्वागत है हमारे देसी किचन में! यूं तो आज जो रेसिपी हम लाए हैं आप की खिदमत में वह नानी दादी के जमाने की है मगर आप सब जो नई जनरेशन के हैं के लिए बिल्कुल नई नवेली है। बनाने में आसान, खाने में बेमिसाल स्वाद और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। अगर शरीर में खून नहीं है, बार-बार एनीमिया हो जाता है तो यह व्यंजन रोज बनाएं और खाएं। हम बात कर रहे हैं रागी(finger millet)के हलवे की जो पुराने जमाने में बच्चा जनने वाली स्त्रियों को प्रसव के एक हफ्ते बाद से दी जाती थी। रागी को बिहार में मडुआ भी कहा जाता है। इस के दाने सरसों के दाने से भी छोटे होते हैं किंतु इसे मोटे अनाज या मिलेट्स की श्रेणी में रखा जाता है। एक खास बात बता दूं कि प्रसिद्ध शराब 'जिन' मडुआ से तैयार किया जाता है और भूटान-सिक्किम में लोकप्रिय पेय पदार्थ जांढ़ भी मड़ुए से ही बनता है। अब आते हैं मूल बात की तरफ यानी रागी के हलवे की रेसिपी।
कितने लोगों के लिए - 4-5 लोगों के लिए
आवश्यक सामग्री - मडुआ 250 ग्राम, चीनी 250 ग्राम, देसी घी एक सौ ग्राम, किसमिस 20 ग्राम, पिस्ता-बादाम
2-3 दाने( सजावट के लिए)
बनाने की विधि - मडुवे को अच्छी तरह से साफ कर ले। चूल्हे पर कढ़ाई डालें और थोड़ा गर्म करें। एक छोटा चम्मच देसी घी डालें और हल्का धुआ निकलने पर मडुआ डालकर कुछ देर तक भूने। भुने हुए मडुवे को ठंडा कर ले । अब मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। पीसने के दौरान एक दो बार छलनी से स्थान पर मोटे दानों को फिर से पीस लें। इसके बाद बचा हुआ देसी घी कढ़ाई में डालें और अच्छी तरह गर्म करें। दूसरे फ्लेम पर एक से डेढ़ लीटर पानी गर्म करने के लिए चढ़ा दें। पीसा हुआ मडुवे का आटा कढ़ाई में डालकर धीमी आंच पर भूनते रहें। यह प्रक्रिया तब तक जारी रखें जब तक यह ब्राउन ना हो जाए। अब पूरी चीनी डालकर थोड़ी देर मिश्रण को चलाएं ताकि चीनी कैरामलाइज हो जाए। अब गर्म पानी धीरे धीरे डालते हुए मिश्रण को चलाते रहे। पानी आधा लीटर से कम डालें। जब यह मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो स्वयं ऑफ कर दे किंतु मिश्रण को कुछ देर तक चलाते रहें ताकि कढ़ाई में सटे नहीं। इसके बाद हलवे को ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब कुछ ठंडा हो जाए तो कटोरो में डालकर साबूत किसमिस और बादाम के पतले कटिंग्स से सजाएं और पेश करें।